आज की इस पोस्ट में भगवान शिव या शिवलिंग पर कौन - कौन से पुष्प चढ़ाने से भगवान शिव होते हैं अति प्रसन्न, और करते हैं मनचाही इच्छा को पूरी -
धतुरें का फूल
जिस दंपत्ति को कोई संतान प्राप्ति नहीं हो रही हैं या जो संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले लाेगों को धतूरे के फूलों से उनकी पूजा करनी चाहिए। लाल डंठल वाले धतूरे को शुभदायक माना जाता हैं।
आयु वद्धि की इच्छा रखने वाले मनुष्यों को दूर्वा से भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
यश की प्राप्ति रखने वाले मनुष्यों को अगस्त्य के फूलों से भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
भोग और मोक्ष की प्राप्ति रखने वाले मनुुुष्यों को तुलसीदल द्वारा भगवान की शिव की पूजा करनी चाहिए।
अड़हुल (जवा कुसुम) से भगवान शिव की पूजा करने से शत्रुओं का नाश होता हैं।
करवीर के फूलों से भगवान शिव की पूजा करने पर समस्त रोगों का नाश हो जाता हैं।
चमेली
दुपहरिया
दुपहरिया के फूलों से बना आभूषण तथा चमेली के फूलों से भगवान शिव की पूजा करने पर वाहन की प्राप्ति होता हैं।
भगवान शिव को अलसी के फूल अर्पित करने पर उनके साथ-साथ भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं।
भगवान शिव को बेलों के फूलों का अर्घ्य देने पर अच्छेे जीवन साथी प्राप्ति होती हैं।
भगवान शिव को जूही के फूलों से पूजन करने पर घर में धन संपदा का वास होता हैं। तथा अन्न के भंडार भर जाते हैं।
भगवान शिव की सेदुआरि और शेफालिका के फूलों से पूजन करने पर मन निर्मल होता हैं।
भगवान शिव की हारसिंगार के फूलों से पूजन करने पर सुख-संपत्ति की वृद्धि होती हैं।
भगवान शिव पर चावल चढ़ाने से लक्ष्मी जी की प्राप्ति होती हैं, ये चावल अखण्डित होने चाहिए।
ध्यान दें चंपा और केवड़े के फूलों से भगवान शिव की पूजा नहीं करनी चाहिए। ये दोनों फूल भगवान शिव के पूजन के लिए अयोग्य माने गए हैं। इसके अलावा सभी फूलों का पूजा में उपयोग किया जा सकता हैं।


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