quotes in hindi


"गुरू कोई ऐसा व्‍यक्ति नहीं होता जो आपको सांत्‍वना देता है। गुरू वो होता है, जो आपको उन सभी च़ीजों को नष्‍ट करने के लिए तैयार करता है, जो आपके अंदर सीमित हैं।" 
-  सद्गुरू जग्‍गी वासुदेव


"स्‍पष्‍टता सिर्फ तभी आती है जब संतुलन होता है। सबसे बड़ी चीज संतुलन ही हैं।"
 -  सद्गुरू जग्‍गी वासुदेव

"क्‍या आप अपने शरीर और मन के फंदे में जी रहे हैं, या एक बड़ी संभावना के लिए आप अपने शरीर और मन को सोपान की तरह इस्‍तेमाल कर रहे हैं।  हर इंसान के पास यह विकल्‍प होता हैं।"
 -  सद्गुरू जग्‍गी वासुदेव

"अपने बच्‍चों के साथ जो सबसे अच्‍छी चीज आप कर सकते हैं, वो ये कि उन्‍हें वैस ही रखें जैसे वो पैदा हुए थे- एक सक्रिय इंटेलिजेंस, कोई निष्‍कर्ष नहीं।" 
-  सद्गुरू जग्‍गी वासुदेव

"एक स्‍तर पर, जीवन उत्‍साह से भरा और सक्रिय हैं। दूसरे स्‍तर पर, यह पूरी तरह से निश्‍चल व स्थिर है। अंदर की स्थिरता बाहर की सक्रियता का पोषण करती हैं।" 
-  सद्गुरू जग्‍गी वासुदेव

"आप जिस माहौल में रहते हैं, अगर वो आपको गढ़ता है, तो आप खुद को एक नेता नहीं कह सकते। अगर आप उस माहौल को गढ़ते हैं जिसमें आप रहते हैं, सिर्फ तभी आप खुद को एक नेता कह सकते हैं।" 
-  सद्गुरू जग्‍गी वासुदेव

"आप अपने भीतर कैसे हैं, इससे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण आपके लिए यह हो गया है कि आप दूसरों के सामने दिखते कैसे हैं - जब आप खुद के साथ ऐसा करते हैंं, तो पीड़ा का होना तय हैं।" 
-  सद्गुरू जग्‍गी वासुदेव

"लोग जो जीवन के बारे में जो मूर्खतापूर्ण निष्‍कर्ष निकालते हैं, उससे कहीं अच्‍छा है कन्‍फ्यूजन में रहना। आपको बस कन्‍फ्यूजन का आनंद लेना सीखना होगा।" 
-  सद्गुरू जग्‍गी वासुदेव

"जैसे ही आपको यह एहसास होता है, 'मैं नहीं जानता,' तो जानने की लालसा, खोज, और संभावना एक जीवंत सच्‍चाई बन जाती हैं।" 
-  सद्गुरू जग्‍गी वासुदेव

"आपके विचार और भावनाओं का अस्तित्‍व के स्‍तर पर कोई मायने नहीं है। वो आपकी रचना हैं - आप उन्‍हें जैसा चाहें वैसा बना सकते हैं।" 
 -  सद्गुरू जग्‍गी वासुदेव