परिचय (Introduction)
'कम्प्यूटर ' शब्द अंग्रेजी भाषा की कम्प्यूट (compute) क्रिया से बना है, जिसका अर्थ हैं - 'गणना करना' अत: कम्प्यूटर का शाब्दिक अर्थ है - गणना करने वाला। दूसरे शब्दों में, कम्प्यूटर ऐसी मशीन है, जो गणनाएं करती हैं या गणनाएं करने में हमारी सहायता करती हैं। हालांकि आज कल कम्प्यूटरों का जो रूप प्रचलित है और उनका जो उपयोग किया जाता हैं, उसमें गणना करना अर्थात जोड़ना, घटाना, गुणा करना, भाग देना आदि गणितीय क्रिया करना तो उसके द्वारा किए जाने वाले बहुत से कार्योंं का एक छोटा सा भाग है। लेकिन प्रारम्भ में कम्प्यूटर की कल्पना और विकास एक ऐसे यंत्र के रूप में किये गए थे, जो तेज गति से गणनाएं कर सके। बाद में इसकी विलक्षण क्षमताओं और विशेषताओं को देखकर इसका उपयोग बहुत से कार्यों में किये जाने लगा, परन्तु इसका नाम कम्प्यूटर ही प्रचलित एवं रूढ़ हो गया।
कम्प्यूटर क्या हैं ? (What Is Computer)
कम्प्यूटर एक विघुत यंत्र है, जो डाटा तथा निर्देश को इनपुट के रूप में ग्रहण करती है, उनका विश्लेषण करती है तथा आवश्यक परिणामों को निश्चित प्रारूप में output के रूप में निर्गत करती है दूसरे शब्दों में ''computer" "एक स्वचालित इलेक्ट्रोनिक मशीन है, जो अनेक प्रकार की तर्कपूर्ण गणनाओं के लिए प्रयोग किया जाता हैं।''
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| Computer |
कम्प्यूटर को निम्न प्रकार से भी परिभाषित किया जा सकता है -
"A Computer is an Electronic Device Which converts data into the meaningful information under program control"
"A computer is an electronic device that executes the instruction in program"
"A computer is a machine used for solving problem and manipulating data. It accepts data and processes the data by doing some mathematical and logical operations and gives us desired output"
कम्प्यूटर सम्बन्धी प्रारम्भिक तथ्य : (Elementary Facts Relating to Computer)
- डाटा :- डाटा तथ्यों तथा सुचनाओं का अव्यवस्थित संग्रह होता है अत: इसे (Raw of Facts) भी कहा जाता हैं।
- सूचना :- महत्वपूर्ण डाटा को सुचना कहा जाता है।
- निर्देश :- जो कमाण्ड कम्प्यूटर को यक बताते हैं, कि उसे क्या करना है उन्हें निर्देश कहा जाता हैं।
- प्रोग्राम :- निर्देश जो कम्प्यूटर को बताते है, कि क्या करना है, प्रोग्राम कहलाते हैं।
कम्प्यूटर की विशेषताएं : (Characteristics of Computer)
कम्प्यूटर के महत्व, लोकप्रियता और व्यापकता का रहस्य उसके कुछ विशेष गुणों में है, जाेे उसे अन्य प्रकार की मशीनों से अलग करते हैं। वैसे तो प्रत्येक कम्प्यूटर में उसके आकार - प्रकार और क्षमता के अनुसार भिन्न-भिन्न गुण होते हैं, परन्तु निम्नलिखित गुण या विशेषताएं सभी कम्प्यूटरों में कम या अधिक मात्रा में अवश्य पायी जाती हैं -
गति (Speed) -
कम्प्यूटर का सबसे पहला और सबसे बड़ा गुण ही तेज गति से गणना करने वाली एक मशीन के रूप में किया गया था। प्रारम्भिक कम्प्यूटर गणना करनें में इतने तेज थे कि हम सोच भी नहीं सकते। जैसे - जैसे इलेक्ट्रोनिक्स का विकास होता जा रहा है, वैसे - वैसे कम्प्यूटर की गति बढ़ती जा रही हैं। आजकल के नवीनतम कम्प्यूटरों (सुपर कम्प्यूटरों) की गति हमारी कल्पना से बाहर की बात है। इसे समझने के लिए इतना जान लेना पर्याप्त होगा कि आजकल के औसत कम्प्यूटर को 18 अंको वाली दो संख्याओं को जोड़ने में केवल 300 से 400 नैनो सेकण्ड लगते हैं। दूसरे शब्दों में, एक साधारण कम्प्यूटर एक सेकण्ड में ऐसी 30 लाख गणनाएं करने में समर्थ है। अब तो इससे भी कही अधिक तीव्र गति से गणनाएं करने वाले कम्प्यूटर बन गए हैं।
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गति (Speed) |
कम्प्यूटर की तीव्र गति केवल समय बचाने के लिए ही नहीं है अपितु बहुत से कार्यों में तो अत्यन्त तीव्र गति से गणनाएं करना आवश्यक ही नहीं बल्कि अनिवार्य भी होता है। उदाहरण के लिए, जब कोई यान अंतरिक्ष में छोड़ा जाता है, तो प्रत्येक क्षण उसकी स्थिति, गति, दिशा, गुरूत्वाकर्षण, भार आदि की गणनाएं करनी पड़ती है, ताकि उसके आगे के मार्ग का निर्धारण किया जा सके। यह कार्य अत्यन्त तेज गति के कम्प्यूटर के बिना कर पाना सम्भव ही नहीं है। यदि कम्प्यूटर का अविष्कार न हुआ होता, तो मानव के पैर चांद पर नहीं पड़ सकते थे। इसी तरह मौसम का पूर्वानुमान लगाने के कार्य में भी तीव्र गति के कम्प्यूटरों का उपयोग किया जाता हैं, क्योंकि उसमें बहुत सी जटिल गणनाएं करनी पड़ती हैं। यदि ऐसा न किया जाये, तो एक वैज्ञानिक के शब्दों में 'मौसम का अनुमान लगाने का कार्य पूरा होने से पहले ही मौसम आ पहंचेगा।
भंडारण क्षमता (Storage Capacity) -
कोई भी कम्प्यूटर उसको दी गयी सूचनाओं पर बहुत तीव्र गति से कार्य करता है। उसके इस गुण का लाभ लेने के लिए यह आवश्यक है, कि उसके पास सूचनाओं को स्टोर (अर्थात् भंडारित) करने और आवश्यकता होने पर उन्हें उतनी ही तेजी से उपलब्ध कराने की भी क्षमता हो, नहीं तो उसकी तीव्र गति का कोई उपयोग नहीे हो सकेगा। इसलिए प्रत्येक कम्प्यूटर में सूचनाओं का भंडारण करने की क्षमता होती है। जिसे प्रकार, हम अपनी स्मृति या दिमाग में घटनाओं और दृश्यों को यादा रखते हैं: उसी प्रकार, कम्प्यूटर भी अपनी मैमोरी में सूचनाओं या आंकड़ो को याद रखता है। लेकिन हमारी याद्दाश्त जहां असीमित होती है, वहीं कम्प्यूटर की याददाश्त सीमित होती हैं।
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भंडारण क्षमता (Storage Capacity) |
वास्तव में कम्प्यूटर की मैमोरी को बहत से छोटे-छोटे खानों में बांटा जाता है। ऐसे प्रत्येक खाने को एक स्थान या बाइट कहते हैं। हर बाइट एक छोटी संख्या को भंडारित कर सकती है। कम्प्यूटरों में प्रत्येक प्रकार की सूचना को संख्याओं के रूप में रख जाता हैं। जिस प्रकार, अच्छी याददाश्त वाले किसी व्यक्ति को ज्यादा बुद्धिमान माना जाता है: उसी प्रकार, जिस कम्प्यूटर की मैमोरी या भंडारण क्षमता जितनी ज्यादा होती है, वह उतना ही ज्यादा शक्तिशाली माना जाता है कम्प्यूटर की भंडारण क्षमता को बाइट्स की संख्या की संख्या में नापा जाता है। 1024 बाइट्स को संक्षेप में 1 किलोबाइट (Kilobyte) कहा जाता है। साधारण छोटे कम्प्यूटरों की मुख्य मैमोरी का अकार 256 किलाबाइट (256 KB) से लेकर 512 किलोबाइट (512KB) या 1024 किलोबाइट तक या इससे अधिक भी हो सकता है। बड़े कम्प्यूटरों की मुख्य मैमोरी कई मेगाबाइट्स या इससे अधिक भी होती है।
शुद्धता (Accuracy) -
कम्प्यूटर की एक बड़ी विशेषता यह है, कि उसके द्वारा किये जाने वाले कार्यों की शुद्धता की दर बहुत ऊंची होता हैं। दूसरे शब्दों में, उसके कलपुर्जो की विश्वसनीयता इतनी अधिक है, कि गलती होने की सम्भावना लगभग शून्य है। यदि कोई मनुष्य एक ही काम कई बार करता है, तो हर बार उसके काम में शुद्धता की मात्रा अलग -अलग होती है, परन्तु कम्प्यूटर की विशेषता यह है, कि यदि वह कोई भी काम लाख बार भी करेगा, तो लाखवीं बार भी उसका कार्य उतना ही शुद्ध होगा, जितना कि पहली बार किया गया कार्य था। कम्प्यूटर के इस गुण का बहुत महत्व है, क्योंकि यदि उसकी तीव्र गति के साथ शुद्धता की ऊंची दर नहीं जुड़ी होगी, तो उसकी तेज गति का महत्व शून्य हो जाएगा।
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शुद्धता (Accuracy) |
कई बार कम्प्यूटर पर गलत कार्य करने के जो आरोप लगाये जाते हैं, वे वास्तव में कम्प्यूटर को दिये गए गलत डाटा या गलत आदेशों के कारण ही होते हैं। कोई कम्प्यूटर अपनी ओर से कोई गलती नहीं करता, परन्तु डाटा या प्रोग्राम में होनेे वाली गलतियों को ठीक भी नहींं कर सकता। वह केवल इसकी गारंटी देता है कि यदि आपका प्रोग्राम या डाटा ही गलत हैै, तो कार्य भी गलत ही हो जायेगा।
स्वचालन (Automation) -
कम्प्यूटर का एक और बड़ा गुण, जो इसे अन्य मशीनों से अलग करता है, वह है इसका स्वचालन का गुण। दूसरी मशीनों: जैसें - कैलकुलेटर, टाइपराइटर आदि पर कार्य करते समय हमारे हस्तक्षेप की आवश्यकता बार-बार और प्राय: हर समय पड़ती हैख् किन्तु कम्प्यूटर की विशेषता यह है, कि एक बार आवश्यक आदेश दे दिये जाने के बाद वह बाहरी सहायता के बिना ही उनका पालन लगातार तब तक करता रहता है, जब तक उसे रूक जाने का निर्देश न मिल जाए। कम्प्यूटर की इस विशेषता का लाभ सभी कार्यों मेंं उठाया जाता है। वास्तव में, कम्प्यूटर का सारा कार्य ही उसको दिये गए निर्देशों के आधार पर ही चलता है, क्योंकि वह अपनी ओर से कुछ नहीं करता। लेकिन एक बार सही-सही निर्देश दे दिये जानेे के बाद वह अपने बाप ही सारा कार्य करता रहता है।
सार्वभौमिकता (Versatility) -
आजकल हम देखते हैं, कि हजारों प्रकार के कार्य कम्प्यूटर द्वारा कियेे जाते हैं। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि कम्प्यूटर हर कार्य को कर सकता हैं। वास्तव में कई भी छोटेे और बड़े से बडा कम्प्यूटर केवल पांच प्रकार के मामूली कार्य ही कर सकता हैं -
- कोई सूचना ( या संख्या) पढ़ना।
- अपनी सी.पी.यू में डाटा को इधर से उधर ले जाना।
- गणितीय क्रियाएं (जोड़ना, घटाना, गुणा करना, भाग देना आदि) करना।
- दो संख्याओं की आपस में तुलना करना।
- कोई सूचना (या संख्या) दिखाना (या छापना)।
सक्षमता (Diligence) -
एक जड़ मशीन होने के कारण कम्प्यूटर पर बाहरी वातावरण का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। वह किसी भी कार्य की बिना रूके लाखों-करोड़ो बार करता रह सकता हैं। मानव तथा अन्य प्राणियों की तरह उसे थकान, भूख, प्यास, ऊब आदि का अनुभव नहीं होता और समय, स्थान मौसम आदि का उसके ऊपर कोई प्रभाव नहीं होता। अपनी पूरी क्षमता से कार्य करते रहने के लिए उसे केवल धूलरहित वातावरण और उचित तापमान की ही आवश्यकता होती हैं। इस गुण के कारण कम्प्यूटर प्राय: हर स्थिति में कार्य में सक्षम होता है।
कम्प्यूटर में पाये जाने वाले वे गुण दूसरी मशीनों में नहीं पाये जाते। इसलिए अन्य मशीनों की तुलना में कम्प्यूटर मानव समाज के लिए कहीं अधिक उपयोगी है और इसीलिए उसकी व्यापकता बढ़ती जा रही हैं।







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