स्‍वामी विवेकानंद
स्‍वामी विवेकानंद 

स्‍वामी विवेकानंद वेदांत दर्शन के विख्‍यात और प्रभावशाली आध्‍यातिमक गुरू थें। उनका वास्‍तविक नाम नरेंन्‍द्रनाथ दत्‍त था। उन्‍होंने अमेरिका स्थित शिकागों में सन् 1893 में आयोजित विश्‍वधर महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्‍व किया था। भारत का आध्‍यात्मिकता से परिपूर्ण वेदांत दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्‍वामी विवेकानंद के प्रभावशाली भाषण के कारण ही पहुंचा। उन्‍होंने सन् 1897 में रामकृष्‍ण मिशन की स्‍थापना की। स्‍वामी विवेकानंद ने पूरोहितवाद और धार्मिक कर्मकांड इत्‍यादि विसंगतियों को दूर करने का अथक प्रयास किया। वे हमेशा से युवाओं के प्रेरणा स्‍त्रोत रहेंं हैं। आइए आज की इस पोस्‍ट में स्‍वामी विवेकानंद के अनमोल विचारों के बारे में पढ़ें। 

स्‍वामी विवेकानंद के अनमोल विचार - 

स्‍वामी विवेकानन्‍द

उठो जागों और तब तक मत रूकों, जब तक लक्ष्‍य की प्राप्ति न होंं जाए। 
- स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

हर काम को उपहास, विरोध और स्‍वीकृति इन तीन अवस्‍थाओं से गुजरना पड़ता हैं।  
- स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

दिन रात अपने मस्तिष्‍क को उच्‍चकोटि के विचारों से भरों, जो फल प्राप्‍त होगा वह निश्चित ही अनोखा होगा। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

तुच्‍छ वस्‍तुओं के लिए कभी प्रार्थना ना करें। यदि आप केवल शारीरिक आराम की ही आकांक्षा करते हो तो पशु और मनुष्‍य में क्‍या अंतर ।  - स्‍वामी विवेकानंद 


स्‍वामी विवेकानन्‍द

संगति आप को ऊंचा उठा सकती है, और यह आप की ऊंचाई को खत्‍म भी कर सकती हैं। इसलिए, सोच समझ कर संगति करनी चाहिए।  - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

ब्रम्‍हााण्‍ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हम ही हैं, जो अपनी आंखो पर हाथ रख लेते हैं, और फिर रोते हैंं कि कितना अंधकार हैं।  - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

अनुभव ही आपका सर्वोत्‍तम शिक्षक है, जब तक जीवन हैं, सीखते रहो। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

एक समय में एक काम करो और इसे करते समय बाकी सब को छोड़कर अपनी पूरी आत्‍मा उसमें डाल दो। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

आप जोखिम लेने से भयभीत न हो, यदि आप जीतते हैं, तो आप नेतृत्‍व कर सकते हैं। यदि हारते हैं, तो आप दूसरों का मार्गदर्शन कर सकते हैं।  - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

अपने स्‍वभाव के प्रति सच्‍चे रहना सबसे बड़ा धर्म है। अपने आप पर विश्‍वास रखें। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

स्‍वतंत्र होने का साहस करें जहां तक आपके विचार जाते हैं, जाने का साहस करें, और उसे अपने जीवन में उतारने का भी साहस करें। - स्‍वामी विवेकानंद 


स्‍वामी विवेकानन्‍द

जब तक करोड़ो लोग भूखे और अज्ञानी रहेंगे, मैं उस प्रत्‍येक व्‍यक्ति को विश्‍वासघाती मानूंगा, जो उनकी कीमत पर शिक्षित हुआ है और उनकी ओर बिल्‍कुल भी ध्‍यान नहीं देता। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द 

जो अग्नि हमें गर्मी देती है, हमें नष्‍ट भी कर सकती है। यह अग्नि का दोष नहीं हैं। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

आकांक्षा, अज्ञानता और असमानता। यह बंधन की त्रिमुर्तियां हैं। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

सत्‍य को हजार तरीकों से बताया जा सकता हैं, फिर भी हर एक सत्‍य ही होगा। - स्‍वामी विवेकानंद 


स्‍वामी विवेकानन्‍द

दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनों। - स्‍वामी विवेकानंद 


स्‍वामी विवेकानन्‍द

किसी दिन जब आपके सामने कोई समस्‍या ना आये, आप सुनिश्चित हो सकते हैं, कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं। - स्‍वामी विवेकानंद 


स्‍वामी विवेकानन्‍द

हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो, मन की शक्ति बड़े बुद्धि का विकास हो, और मनुष्‍य अपने पैर पर खड़ा हो सके। - स्‍वामी विवेकानंद 


स्‍वामी विवेकानन्‍द

जब तक आप खुद पर विश्‍वास नहीं करतें, तब तक आप भगवान पर विश्‍वास नहीं कर सकते। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

भय और अपूर्ण वासना ही समस्‍त दुखों का मूल है। - स्‍वामी विवेकानंद 


स्‍वामी विवेकानन्‍द

अगर स्‍वाद की इन्द्रियों को ढ़ील दी जाए, तो सभी इनिद्रयां बेलगाम दौड़ेंगी। - स्‍वामी विवेकानंद 


स्‍वामी विवेकानन्‍द

किसी की निंदा न करें, अगर आप मदद के लिए हाथ बड़ा सकते हैं, तो जरूर बढ़ाएं। अगर नहींं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोडि़ए, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये, और उन्‍हें उनके मार्ग पे जाने दीजिये। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

इच्‍छा का समुद्र हमेशा अतृप्‍त रहता है, उसकी मांगे ज्‍यों-ज्‍यों पूरी की जानी है, त्‍यों-त्‍यों वह और गर्जन करता है। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

दुनिया एक महान व्‍यायामशाला है, जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

जैसा तूम सोचते हो वैसे ही बन जाओगे, खूद को निर्बल मानोगे, ताे निर्बल और सबल मानोगे तो सबल ही बन जाओगे।  - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

आपको अंदर से बाहर की ओर बड़ना है, काेई आपको सिखा नहीं सकता, कोई आपको आध्‍यात्मिक नहीं बना सकता, आपकी अपनी आत्‍मा के अलावा कोई दूसरा शिक्षक नहीं हैं। - स्‍वामी विवेकानंद 


स्‍वामी विवेकानन्‍द

अगर धन दूसरों की भलाई करने में मदद करें, तो इसका कुछ मूल्‍य हैं, अन्‍यथा ये सिर्फ बुराई का एक ढेर है, और इससे जितना जल्‍दी छुटकारा मिल जाये, उतना बेहतर हैं। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

कुछ मत पूछो, बदले में कुछ मत मांगो, जो देना है, वह दे दो वह तुम तक वापस आएगा, पर उसके बारे में अभी मत सोचो। - स्‍वामी विवेकानंद


स्‍वामी विवेकानन्‍द

हमारे व्‍यक्तित्‍व की उत्‍पत्ति हमारे विचारों में हैं, इसलिए ध्‍यान रखें कि, आप क्‍या विचारते हैं - शब्‍द गौण हैं, विचार मुख्‍य हैं, और उनका असर दूर तक होता हैं। - स्‍वामी विवेकानंद


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