![]() |
| सिकंदर द ग्रेट |
इतिहास में विश्व विजेता के नाम से विख्यात सिकंदर का जन्म 20 जुलाई 356 ईसा पूर्व यूनान में हुआ था। सिकंदर सिर्फ 20 वर्ष की आयु में मैसेडोनिया का राजा बना। और विश्व को जीत लेने का सपना बुनने लगा। अपनी इच्छा को पूरी करने के लिए वह अपने सैनिकों, हथियारों और लश्करों के साथ विश्व को जीतने निकल पड़ा।
आज की इस पोस्ट में विश्व विजेता सिकंदर के महान विचारों के बारे में पढि़ए -
लगातार कोशिश करनेंं वालों के लिए कुछ भी असंभव नहीं हैं।
- सिकंदर
मैं शेरों की उस सेना से नहीं डरता, जिसका नेतृत्व एक भेडि़या कर रहा हो, बल्कि मैं उन भेडि़यों की सेना से डरता हूं, जिसका नेतृत्व एक शेर कर रहा हो।
- सिकंदर
मैं जीने के लिए अपने पिता का ऋणी हूं, लेकिन अच्छी तरह से जीने के लिए अपने शिक्षक का।
- सिकंदर
जब हम किसी को समय देते हैं, तो वास्तव में हम अपने जीवन का कुछ हिस्सा उसे देते है, जो लौटकर कभी वापस नहीं आता, इसलिए अपने समय को बुद्धिमत्ता से खर्च किजिए।
- सिकंदर
आने वाला हर प्रकाश सूरज नहीं होता, बड़ा करने की सोचे तभी बड़ा पा सकोगे। महिमा उन लोगों के कार्यों का मुकुट है, जो खुद को परिश्रम और खतरों के बीच ले जाते हैं।
- सिकंदर
मैं अंधकार से भरे लम्बे जीवन की अपेक्षा, प्रतिष्ठा से भरा छोटा जीवन चाहता हूं।
- सिकंदर
परिश्रम और जोखिम की कीमतें हैं, लेकिन साहस के साथ जीनें, और एक अनंत प्रसिद्धि छोड़ने के लिए, यह एक सुंदर बात हैं। - सिकंदर
मैंं जीत के लिए चोरी नहीं करता हूं।
- सिकंदर
जिसके लिए पूरा विश्व भी कम पड़ गया, उसके लिए आज सिर्फ एक कब्र ही काफी हैं।
- सिकंदर
सच्चे प्यार का कभी सुखद अंत नहीं होता, क्योंकि सच्चे प्यार का कोई अंत ही नहीं होता।
- सिकंदर
आइयें हम ऐसे इंसान बनें जिससे सभी लोग हमारे दोस्त बने और सभी दूश्मन बनने से डर।
- सिकंदर
जिस तरह स्वर्ग में दाेे सूरज नहीं हो सकते, उसी तरह धरती पर भी दो बादशाह नहीं हो सकते।
- सिकंदर
जब आप इस दुनिया से चले जायेंगे, तो जो काम आपने किये हैं, उसी के लिए जाने जायेंगे।
- सिकंदर
हम अपनी तलवार से जो कुछ भी हासिल करते हैं, वह निश्चित या स्थायी नहीं हो सकता, लेकिन दया और परिश्रम और संयम से प्राप्त प्रेम, निश्चित और टिकाऊ होता हैं।
- सिकंदर
याद रखें प्रत्येक के आचरण पर सभी का भाग्य निर्भर करता हैं।
- सिकंदर
केवल मुझे पता है, कि एक अच्छा नाम बनाने के लिए, मुझे कितनी मुश्किलों से गुजना पड़ा हैं।
- सिकंदर
क्या कोई और दुनिया नहीं है, जिसे मैं जीत सकता हूं।
- सिकंदर
केवल सहवास और नींद ही, मुझे ध्यान दिलाती है कि मैं नश्वर हूं।
- सिकंदर
ज्ञान के बिना कौशल पर ध्यान केंद्रित नहीं किया जा सकता हैं, कौशल के बिना शक्ति को सम्भाला नहीं जा सकता, और शक्ति के बिना ज्ञान को लागू नहीं किया जा सकता।
- सिकंदर
मैं भी कई चिकित्सकों के इलाज से मर रहा हूं।
- सिकंदर
मैं अपनी जीत के लिए कभी भी धोख नहीं करता।
- सिकंदर
मेरे शरीर को दफना देना, और कोई स्मारक मत बनाना। अंतिम यात्रा के दौरान मेरे हाथों को बाहर की ओर रखना, ताकि लोग जान सकें, कि जिसने दुनिया को जीता था, वह भी मरने के बाद खाली हाथ जा रहा हैं।
- सिकंदर
इन्हेें भी पढ़ें -

0 Comments
Post a Comment