सदगुरू जग्गी वासुदेव के अनमोल विचार -
''यदि आप परिवर्तन का विरोध करते है,
तो आप जीवन का विरोध करते हैं''
''आपकी खुशी दु:ख पीड़ा और आनंद आपके अन्दर ही पैदा होता है
तो कम से कम ये सब चीजें आपके अनुसार ही पैदा होनी चाहिए।''
जो भी उत्तम हो उसे ले लेें । तब जीवन सीखने का एक सिलसिला बन जा जाता है।''
''यदि आपकी समझदारी आपके खिलाफ काम कर रही है,
तो आपके जीवन में तनाव और दु:ख होगा।''
एक आपदा की तरह है''
''मिट्टी के संपर्क में होना यह याद दिलाता है कि आपका शरीर
बस मिट्टी ही है, इसे कभी मल भूलिए।''
''कुठा निराशा और अवसाद का मतलब है,
कि आप अपने खिलाफ काम कर रहे हैं।''
''एक बार जब आपका मन पूर्ण रूप से स्थिर हो जाता है,
तब आपकी बुद्धि मानवीय सीमाओं को पार कर जाती है।''


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